एपेक्स हॉस्पिटल वाराणसी में एंडोस्कोपी अल्ट्रसाउंड से इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेंटर का उद्घाटन
चन्दौली वाराणसी एपेक्स हॉस्पिटल के पेट एवं लिवर रोग विभाग ने एंडोस्कोपी अल्ट्रसाउंड तकनीक के माध्यम से इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेंटर के रूप में उत्कृष्टता हासिल कर ली है। इस तकनीक से पेट, आंत, लिवर, पित्ताशय, पित्त नलिकाओं और अग्न्याशय से जुड़ी बीमारियों की सटीक, सुरक्षित और प्रभावी जाँच एवं इलाज संभव हो गया है।
सदस्य डॉक्टरों अभिषेक वर्मा, एसएस परिहार और विनीत के नेतृत्व में यशोदा हॉस्पिटल, सिकंदराबाद के वरिष्ठ गेस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ राकेश कुमार के साथ एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में चिकित्सकों, क्लीनिकल सहायकों, टेक्नोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ को एंडोस्कोपी अल्ट्रसाउंड की उन्नत तकनीकों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला की विशेषताएँ
कार्यशाला में 8 लाइव सर्जरी डेमो के माध्यम से निम्न तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया:पेट, लिवर और अग्न्याशय की बीमारियों की सटीक पहचान
स्टेंटिंग और कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी
पेट का रास्ता बंद होने पर नया मार्ग बनाकर गैस्ट्रो-जेजुनोस्टोमी
क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस में जमा मवाद और मृत ऊतक निकालने की प्रक्रिया (वॉल्ड-ऑफ नेक्रोसिस ड्रेनेज)
अग्न्याशय की सूजन में बनी थैली निकालने की प्रक्रिया (स्यूडोसिस्ट गैस्ट्रोस्टोमी)
कैंसर स्टेजिंग, आंतों की ब्लीडिंग, गैस्ट्रिक वैरिसेज में कॉइलिंग और ग्लू थेरेपी
लिवर बायोप्सी और एक्स्ट्रा हेपेटिक बाइलरी ऑब्स्ट्रक्शन से पीली आँखों का निदान एवं उपचारनिदेशक की प्रतिक्रिया
एपेक्स हॉस्पिटल की निदेशक डॉ अंकिता पटेल ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए बताया कि एपेक्स हॉस्पिटल, वाराणसी पूर्वांचल अब एंडोस्कोपी अल्ट्रसाउंड तकनीक से पेट और लिवर रोगों के लिए एक उत्कृष्ट इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेंटर बन गया है।
इस उन्नत तकनीक के माध्यम से मरीजों को कम से कम इनवेसिव प्रक्रिया, सुरक्षित इलाज और सटीक निदान की सुविधा मिलेगी।










